नींबू (Lemon)

     नींबू से सब परिचित हैं। लोग नींबू का इस्तेमाल कर कई व्यंजन बनाते हैं।नींबू की चटनी को बहुत ही पसंद से खाई जाती है। नींबू की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहां दूसरे फल पकने पर मीठे हो जाते हैं, वहीं नींबू का स्वाद हर समय खट्टा ही रहता है। नींबू विटामिन C का मुख्य स्रोत है। नींबू के सेवन से स्कर्वी रोग भी ठीक होता है। इतना ही नहीं नींबू का प्रयोग कर कई और भी बीमारी ठीक की जा सकती है। नींबू की कई जातियां पाई जाती है, जैसे- कागजी नींबू, बिजौरी नींबू, जम्मीरी नींबू, मीठा नींबू इत्यादि। औषधी के रूप में कागजी नींबू का ही प्रयोग करना चाहिए। इसका आकार छोटा या मध्यम होता है। इसका वृक्ष कांटों से युक्त, झाड़ीनुमा होता है। इसके फूल छोटे, सफेद अथवा गुलाबी रंग के होते हैं। फूलों से सुगंध आती है।

नींबू के उपयोग

  1. 1 कप पीने लायक गर्म दूध में आधा नींबू निचोड़-कर दूध फटने से तुरन्त पहले पी जायें। यह रक्तस्राव को तुरन्त बंद कर देता है। इस प्रयोग को एक या दो बार से अधिक न करें।
  2. 5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे अधिक प्यास लगने की परेशानी ठीक होती है।
  3. जीभ पर हुए छालों और मसूड़ों पर नींबू का छिलका रगड़ें। इससे जीभ के छालों और मसूड़ों की परेशानी में लाभ  होता है।
  4. नींबू के रस में शहद मिलाक चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे के कील-मुहांसे और झुर्रियां ठीक हो जाती हैं।
  5. नींबू, तुलसी और काली कंसौदी का रस बराबर मिलाकर धूप में रखें। जब वह गाढ़ा हो जाय तो मुंह पर मलें। यह मुहांसों को दूर कर देता है।
  6. नींबू के रस में आंवला के फलों को पीस लें। इसे बालों में लगाने से रूसी मिटती है, तथा बालों का झड़ना रुकता है।
  7. दाद, खाज, चमड़ी पर काले दाग आदि रोगों पर नींबू को काटकर रगड़ने से लाभ होता है।
  8. नींबू के फल का रस का रोज प्रयोग करने से त्वचा के विकार ठीक हो जाते हैं।
  9. नींबू के रस में करौंदा की जड़ को पीसकर लगाने से खाज या खुजली में तुरंत लाभ होता है।
  10. नींबू फल के रस को एक गिलास उबले दूध में डालें। इसमें ग्लिसरीन मिलाकर आधे घंटे तक रख दें। उसे शरीर पर लगाने से रूखी त्वचा सहित अन्य त्वचा की बीमारी में फायदा होता है।
  11. सुबह-सुबह खाली पेट 200 मिली गुनगुने जल में 2 चम्मच नींबू व 1 चम्मच शहद डालकर पीने से मोटापा घटता है।
  12. नींबू के रस को लोहे की खरल में लोहे के दस्ते से घोटें। जब रस काला पड़ जाये, तब आंखों के आस-पास पतला-पतला लेप करें। इससे आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।
  13. नींबू का दो भाग कर लें। एक भाग में पिसी हुई काली मिर्च और सेंधा नमक भरें। दूसरे भाग में मिश्री भरें। दोनों को गर्म कर चूसें। इससे वर्षा-ऋतु के बाद होने वाला टायफाइड का ठीक होता है।
  14. नींबू के रस को मस्तक पर लेप करने से दिमागी बीमारी में लाभ होता है।
  15. 5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे एसिडिटी ठीक होती है। अधिक प्यास लगने की परेशानी ठीक होती है।
  16. 3 मिली नींबू का रस, 10 मिली चूने का पानी तथा मधु तीनों को मिलाएं। इसे 20-20 बूंद की मात्रा में लेने से भूख बढ़ती है।
  17. नींबू के रस का सेवन करने से भूख न लगने की समस्या ठीक हो जाती है।
  18. नींबू के शर्बत में दोगुना पानी और 1-2 नग लौंग के साथ काली मिर्च मिलाकर पीने से भूख बढ़ती है।
  19. नींबू को काटकर काला नमक बुरक लें। इसे चाटने से भी भूख न लगने की समस्या ठीक हो जाती है।
  20. एक नींबू के रस में थोड़ी अदरक एवं थोड़ा काला नमक मिलाकर सेवन करने से भूख बढ़ती  है।
  21. 5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे भूख बढ़ती है।
  22. नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस तथा 1 ग्राम कर्पूर मिलाकर सेवन करें। इससे फूड प्वाजनिंग की परेशानी ठीक होती है।
  23. 1-2 ग्राम कच्चे नींबू के छिलके को पीसकर खाने से पेट के दर्द से राहत मिलती है।
  24. 3 मिली नींबू का रस, 10 मिली चूने का पानी तथा मधु तीनों को मिलाएं। इसे 20-20 बूंद की मात्रा में लेने से पेट दर्द से राहत मिलती है।
  25. भोजन के बाद होने वाली उल्टी को रोकने के लिए 5-10 मिली ताजे नींबू के रस को पीना चाहिए।
  26. 5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे उल्टी पर रोक लगती है।
  27. नींबू के रस का सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।
  28. नींबू के पत्ते रस में मधु मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  29. नींबू फल के रस में छाछ अथवा जल मिलाकर प्रयोग करने से जमालगोटा का दुष्प्रभाव खत्म होता है।
  30. 30 मिली कागजी नींबू के रस को दिन में 2-3 बार सेवन करने से दस्त पर रोक लगती है।
  31. रोजाना खाना खाने से पहले दो नींबू के रस का सेवन करें। इससे या रस में मिश्री मिलाकर सेवन करने से हैजा में लाभ होता है।
  32. नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस तथा 1 ग्राम कर्पूर मिलाकर सेवन करने से भी हैजा में फायदा होता है।
  33. पीलिया के उपचार के लिए नींबू का उपयोग लाभ पहुंचाता है।
  34. नींबू रस को आंखों में लगाने से पीलिया में फायदा होता है।
  35. एक नींबू के रस में 5 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करने से पित्तज विकार ठीक होता है।
  36. 5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करने से आंतों के रोगों में लाभ मिलता है।
  37. नींबू फल के रस को उबले हुए जल में मिलाएं। इसका सेवन करने से पेशाब में खून या पेशाब की जलन या फिर सूजन की समस्या ठीक हो जाती है।
  38. नींबू फल के रस में खीरे का रस या नारिकेलोदक या फिर गाजर का रस मिलाएं। इसका सेवन करने से कम पेशाब आने की समस्या ठीक हो जाती है।
  39. इसके साथ ही इससे किडनी विकार और सूजन ठीक हो जाती है।
  40. गर्भावस्था के कारण होने वाली परेशानियों में भी फायदा होता है।
  41. गुनगुने पानी में नींबू का रस और मिश्री मिलाकर सुबह चाय की तरह पिएं। इससे लिवर सही तरह से काम करता है, और लिवर के विकार ठीक होते हैं।
  42. नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस मिलाकर सेवन करने से लिवर संबंधित विकार ठीक हो जाते हैं।
  43. 5-10 मिली नींबू रस में भुनी हुई 500 मिग्रा अजवायन, और स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिला लें। इसका सेवन करने से लिवर संबंधित रोगों में लाभ होता है।
  44. नींबू का अचार खाने से बढ़ी हुई तिल्ली या प्लीहा सामान्य हो जाती है।
  45. नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस मिलाकर सेवन करने से तिल्ली संबंधित विकार ठीक हो जाते हैं।
  46. 5-10 मिली नींबू रस में भुनी हुई 500 मिग्रा अजवायन, और स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से तिल्ली के रोगों में लाभ होता है।
  47. एनीमिया में नींबू लेने से यह खून में आयरन तत्वों को बढ़ाने का काम करता है क्योंकि इसमें विटामिन-सी होता है जो को आयरन को अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है।
  48. 1-2 मिली नींबू के रस को 4-4 घंटे के अंतर पर सेवन करने से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।
  49. एक नींबू के रस में थोड़ी अदरक एवं थोड़ा काला नमक मिलाकर सेवन करने से गठिया या जोड़ों के दर्द में फायदा होता है।
  50. 25 मिली नींबू रस, 25 मिली चिरायते का काढ़ा को मिलाकर थोड़ा-थोड़ा करके पीने से मौसमी बुखार ठीक हो जाता है।
  51. नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस मिलाकर सेवन करने से गंभीर बुखार भी ठीक हो जाता है।
  52. कीड़ों के काटने वाले स्थान पर नींबू का रस लगाना चाहिए।
  53. सज्जीक्षार, यवक्षार तथा काले नमक को नींबू के रस के साथ घोंटकर मधुमक्खी के डंक पर लगाएं। इससे मधुमक्खी के डंक से होने वाली परेशानी से आराम मिलता है।
  54. नींबू के बीजों की मींगी 9 ग्राम तथा सेंधा नमक 8 ग्राम को पीसकर मिलाएं। इसका सेवन करने से बिच्छू के डंक से आराम मिलता है।

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