हींग(Asafoetida)

        आयुर्वेद के अनुसार हींग (Asafoetida) पित्त प्रधान और गर्म तासीर वाली होती है। यही वजह है कि ठंड में हींग काफी फायदेमंद माना जाता है। वहीं गर्मियों के मौसम में हींग का सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए।

 हींग कैसे बनती है ? 

     हींग पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले 6-8 फुट के फेरूल फोइटिडा नाम के पौधे से बनती है। इसमें पीले रंग के फूल गुच्छे के रूप में टहनी के अंत में लगते है। इसकी जड़ से हींग प्राप्त होती है। जड़ पर चीरा लगाने से रस निकलता जो सूख कर गोंद जैसा हो जाता है। इससे स्वादिष्ट सुगंधित हींग प्राप्त होती है। एक पेड़ से लगभग 100 ग्राम से लेकर 300 ग्राम तक हींग (Hing) प्राप्त हो सकती है। बता दें हींग की खेती ज्यादातर  ईरान, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान में ज्यादा होती है। वहीं भारत के पंजाब और कश्मीर में हींग की खेती की जाती है।

असली हींग की पहचान कैसे करें ?

       असली हींग की पहचान करने के लिए उसे पानी में घोल कर देखें। पानी का रंग दूध जैसा सफेद हो जाये तो हींग असली है अगर पानी का रंग नहीं बदला तो वो नकली है।

 हींग को खाने का सही तरीका क्या है?

       अगर आप हींग का प्रयोग खाना बनाने में कर रहे हैं तो चुटकी भर हींग तेल में भून कर किसी भी व्यजंन में डाल सकते हैं। वहीं अगर आप हींग का प्रयोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को ठीक करने के लिए सीधे उपयोग कर रहे हैं तो गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग मिलाकर पीएं। इसके अलावा आप हींग का पेस्ट या पाउडर (asafoetida powder) बनाकर भी रख सकते हैं। लेकिन चुटकी भर से ज्यादा हींग का प्रयोग सही नहीं होता है।

क्या ये सच है कि हींग जहर के असर को कम कर सकती है ?

        जी हां, ये बात सच है कि हींग जहर के असर को कम कर देती है। अगर कोई जहर खा ले तो उसे तुरंत हींग का पानी पिलाएं। ऐसा करने से उल्टी के द्वारा जहर बाहर निकल जाता है और जहर का प्रभाव कम या खत्म भी हो जाता है।

 हींग के उपयोग


  1. हींग में एंटीफंगल गुण होते है। अचार को फफूंदी से बचाने के लिए अचार भरे जाने वाले कंटेनर में हींग का धुआं कर लेना चाहिए फिर अचार भरना चाहिए। इससे अचार खराब नहीं होता।
  2. हींग को पानी में घोलकर जले हुए स्थान पर लगाने से जलन में आराम मिलता है और फफोला नहीं पड़ता।
  3. मधुमक्खी डंक मार दे तो हींग को पानी में घिस पर गाढ़ा पेस्ट बना कर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है।
  4. नीम की  पत्ती और हींग को साथ में पीस कर लगाने से फोड़े , फुंसी और मुंहासे आदि ठीक हो जाते है। इससे दाग भी नहीं पड़ते हैं।
  5. अगर हिचकी ज्यादा आ रही हो तो पुराने गुड़ के साथ हींग खाने से हिचकी बंद हो जाती है।
  6. अगर शरीर के किसी हिस्से में कांटा चुभ गया है और निकल नहीं रहा तो उस स्थान पर पर हींग और पानी का घोल भर दें। कुछ समय बाद अपने आप ही कांटा बाहर निकल आयेगा।
  7. पेट के दर्द, अफारे, ऐंठन आदि में अजवाइन और नमक के साथ हींग का सेवन करें तो इससे फायदा होगा।
  8. हींग (Asafoetida) को पानी में मिलाकर घुटनों पर लगाने से घुटनों का दर्द दूर हो जाता है।
  9. दांतों में कीड़ा लग जाने पर रात के समय दांत में हींग (asafetida) के घोल में डुबी हुई रूई का टुकड़ा दबाकर सोएं। कीड़े खुद-ब-खुद निकल जाएंगे।
  10. खाने में हींग के रोज सेवन से मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
  11. अगर आप को कब्ज जैसी शिकायत है तो भोजन में हींग का इस्तेमाल करें। ये भोजन को पचाने में सहायक होती है।
  12. हींग (Asafoetida) को पानी में घोलकर नाभि के आसपास लगाने से या घी में भुनी हींग शहद में मिलाकर खाने से पेट दर्द में लाभ होता है।
  13. गला बैठ गया हो तो हींग को उबले हुए पानी में घोल लें और इस पानी से गरारे करें। ऐसा दिन में 2-3 बार करें, आपका गला ठीक हो जाएगा।
  14. किसी को अगर दस्त आ रहे हैं तो उसे हींग का सेवन कराएं। हींग, सफेद जीरा, सोंठ, पीपल और सेंधा नमक को 10-10 ग्राम कूट कर चूर्ण तैयार करें और एक शीशी में भरकर रख लें। और 1-1 चम्मच सुबह, दिन और रात को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे राहत मिलेगी।
  15. यदि सिर में दर्द है तो आप हींग को पानी में मिलाकर पीने से सिर दर्द से राहत मिलती है।
  16. काली खांसी हो या सूखी खांसी, अदरक और हींग को शहद में मिलाकर लेने से इसमें तुरंत आराम मिलता है।
  17. बहुत समय से अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो हींग (Asafoetida) को पानी में घोलकर उसकी कुछ बूंदें रोजाना नाक में डालें। इससे जल्द ही निजात मिल जायेगा।
  18. दाद, खाज, खुजली व अन्य चर्म रोगों में इसको पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से लाभ होता है।
  19. हींग को पानी में उबालकर कुल्ला करने से भी दांतों के दर्द से राहत मिलती है। 

हींग के नुकसान

        हींग का अत्यधिक सेवन करने से बदहजमी और गैस बनने जैसी शिकायत हो सकती है। इसीलिए खाली पेट कभी भी हींग का सेवन न करें।
ज्यादा मात्रा में हींग का सेवन करने से चक्कर आना, जी मिचलाना जैसी भी समस्या हो सकती है।
  1. बिना किसी खाद्य पदार्थ में डाले हींग को सीधा खाना या चखना होंठों में सूजन, होंठों का फूलना और झनझनाहट का कारण भी बन सकता है।
  2. ब्लड प्रेशर के मरीजों को तो हींग (Hing) का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका सेवन ब्लड प्रेशर नियंत्रण पर नकारात्मक असर डालता है।
  3. अगर कोई महिला गर्भवती है या फिर नवजात शिशु को दूध पिलाती हैं तो उसके लिए भी हींग का सेवन अच्छा नहीं है।
  4. अगर आपको लकवा मार चुका या आपको ऐठन ये जुड़ी कोई प्रॉब्लम है तो हींग का सेवन करने से बचे। इससे आपको दौरा पड़ने का भी खतरा रहता है।
  5. जिन लोगों को स्किन प्रॉब्लम या एलर्जी अकसर हो जाती है उन्हें हींग का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों को हींग (asafetida) के सेवन से शरीर में चकत्ते पड़ने लगते हैं, ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।



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