मेथी (Fenugreek Seeds)

     मेथी एक वनस्पति है जिसका पौधा १ फुट से छोटा होता है। इसकी पत्तियाँ साग बनाने के काम आतीं हैं तथा इसके दाने मसाले के रूप में प्रयुक्त होते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बहुत गुणकारी है। मेथी के दानों  से साबुन और सौंदर्य प्रसाधनों की चीजें बनाई जाती हैं।  गाँवों में प्रसूता स्त्री को मेथी के लड्डू विशेष रूप से दिये जाते हैं। मेथी और मेथी के तेल में डायबिटीज को नियंत्रित करने और गाँठ को बनने से रोकने के गुण होते हैं।
 

मेथी का उपयोग 

  1. 1-2 चम्मच मेथी के दानों को रात भर के लिए भिगो दें। इसे सुबह पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। एक घण्टे बाद बालों को धो लें। सप्ताह में दो से तीन बार लगाने से बालों का गिरना बंद हो जाता है।
  2. मेथी के बीजों  को दूध में पीस लें। इसे छानकर तैयार कर लें। इस रस को गुनगुना या हल्का गर्म करके 1-2 बूँद कान में डालें। इससे कान का बहना बंद हो जाता है।
  3. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए मेथी के 10-15 मिली काढ़े में शहद मिलाकर पिएं।
  4. मेथी के दाने खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं। रोजाना मेथी के दानों के चूर्ण का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल कम होते हैं।
  5. मेथी के बीज कब्ज दूर करने में काफी लाभकारी हैं। मेथी, चंद्रसूर, मंगरैला (कलौंजी) और अजवायन का रोजाना सेवन करें। इससे गैस सम्बन्धी रोग, अपच, पेट में दर्द, भूख की कमी, पेट का फूलना, पेट दर्द और कमर दर्द आदि रोगों में लाभ होता है।
  6.  मेथी के पत्तों का साग बनाकर खाएं। इससे कब्ज की परेशानी से राहत मिलती है। मेथी मल को नरम करके कब्ज को ठीक करता है।
  7.  मेथी का नियमित सेवन करने से खून में चीनी की मात्रा नियंत्रित रहती है। एक चम्मच मेथी के दानों का चूर्ण बना लें। इसे रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें।
  8. मेथी के दानों को रोज पानी में भिगो दें। इसे सुबह चबा-चबा कर खाएं। ऊपर से मेथी दाने का पानी भी पी लें।
  9.  5 ग्राम मेथी के बीजों को घी में भून लें। इसे खाने से दस्त में लाभ होता है।
  10. मेथी के बीजों को भूनकर काढ़ा बना लें। 15-20 मिली मात्रा में काढ़ा पीने से पेचिश में लाभ होता है।
  11. अगर लंबे समय से दस्त से परेशान हैं तो 1-2 ग्राम मेथी चूर्ण को छाछ में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
  12. महिलाओं को प्रसव के बाद मेथी के औषधीय गुण से बहुत लाभ मिलता है। मेथी दाना से प्रसूता स्त्रियों के स्तनों में दूध बढ़ता है। मेथी के सेवन से माता के दूध की गुणवत्ता भी बढ़ती है जिससे शिशु का स्वास्थ्य भी अच्छा होता है। माताएं मेथी की सब्जी, सूप आदि का सेवन कर सकती हैं।
  13. जीरा, सौंफ, सोया, मेथी आदि में गुड़, दूध एवं गाय का घी मिलाकर पका लें। इसका सेवन कराएं। इससे योनि के रोग, बुखार, टीबी, खाँसी, सांसों का फूलना, एनीमिया, दुबलापन आदि बीमारियों में लाभ होता है।
  14. गैस बनने और गैस के कारण होने वाले रोगों में भी मेथी के सेवन से लाभ होता है।
  15. मेथी के दानों को रातभर भिगो कर सुबह खाया जाता है।
  16.  मेथी के दानों में एस्ट्रोजेन के गुण होते हैं, इसलिए यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में लाभदायक होता है। मेथी के सेवन से खून भी बनता है, और दर्द भी कम होता है. मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने के लिए मेथी के 1-2 ग्राम बीजों का सेवन करें।
  17.  मेथी की चाय को मीठा बनाकर थोड़ा ठंडा होने दें। इसमें शहद मिला लें। अधिक लाभ होगा।
  18. 1-2 ग्राम मेथी के चूर्ण में गुड़ मिलाकर सेवन करने से गोनोरिया रोग में लाभ होता है। 
  19. घाव में मेथी के औषधीय गुण से लाभ मिलता है। घाव में अगर सूजन हो गई हो, और जलन भी हो रही तो मेथी के पत्तों को पीसकर घाव पर लगाएं। इससे घाव की सूजन और जलन दोनों ही ठीक हो जाती है।
  20. बंद मुँह वाले घावों में मेथी के बीजों को पीसकर लगाएं।
  21. 1-2 ग्राम मेथी के बीज का चूर्ण सेवन करें। इससे तंत्रिका-तंत्र से संबंधित विकारों में लाभ होता है। इसके इस्तेमाल से धीरे-धीरे तंत्रिका-तंत्र की समस्याएं ठीक होने लगती हैं।
  22.  1-2 ग्राम मेथी चूर्ण का सेवन करने से पूरे शरीर का दर्द कम होता है।
  23.  मेथी का लेप बना लें। इसे त्वचा रोग जैसे दाद-खाज-खुजली या एग्जिमा वाले स्थान पर लगाएं। यह लाभ दिलाता है।
  24. मेथी के बीज और जौ के आटे को सिरके के साथ पीस लें। अगर गालों पर सूजन हो गई हो तो गालों पर पतला लेप करें। इससे सूजन कम होती है।

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