करी पत्ता (curry leaves)

      कढ़ी पत्ते का पेड़ मूलतः भारत का देशज है। अकसर रसेदार व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले इसके पत्तों को "कढ़ी पत्ता" कहते हैं। कुछ लोग इसे "मीठी नीम की पत्तियां" भी कहते हैं। इस कढ़ी पत्ते के पेड़ का नीम के पेड़ से कोई संबंध नहीं है। असल में कढ़ी पत्ता, तेज पत्ता या तुलसी के पत्तों, जो ख़ुशबूदार पत्तियां हैं, से बहुत अलग है। इसके छोटे-छोटे, चमकीले काले रंग के फल तो खाए जा सकते हैं, लेकिन इनके बीज ज़हरीले होते हैं।इसकी पत्तियों को पीस कर चटनी भी तैयार की जाती है।कढ़ी पत्ते का आयुर्वेदिक चिकित्सा में जड़ी-बूटी के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।  कढ़ी पत्ता लम्बे और स्वस्थ बालों के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है। करी पत्ता को चने के बेसन में मिलाकर पकौड़ी बनाई जाती है।

करी पत्ता (मीठा नीम) के उपयोग 

  1. मीठी नीम (करी पत्ता) के पत्तों का प्रयोग खाद्य पदार्थों में छौंक लगाने के लिए किया जाता है।
  2. आम, इमली आदि के साथ इसके पत्तों को पीसकर बनाई गई चटनी अत्यन्त स्वादिष्ट व सुगन्धित होती है।
  3. मीठी नीम के पत्तों को नारियल तेल में डालकर कुछ दिनों तक धूप में रखने से तेल सुगन्धित हो जाता है।
  4.  करी पत्ता (मीठी नीम) के फूलों को पीस लें। इसे सिर पर लगाएं। इससे सिर दर्द ठीक होता है।
  5. मीठी नीम के ताजे पत्ते का रस निकाल लें। इसे आंखों में काजल की तरह लगाने से मोतियाबिंद की बीमारी में लाभ होता है।
  6.  मीठी नीम की 2-4 पत्तियों को चबाकर खाएं। इससे मुंह से दुर्गंध आना बंद हो जाता है।
  7. में आप मीठी नीम के फायदे ले सकते हैं। मीठी नीम के पत्तों का काढ़ा बना लें। इससे गरारा करें। इससे मुंह में होने वाली बीमारी जैसे मुंह के छाले की समस्या ठीक होती है।
  8. 5-10 मिली मीठी नीम के पत्ते का रस निकाल लें। इतनी ही मात्रा में शहद मिला लें। इसका सेवन करें। इससे कफज विकार ठीक होता है।
  9. मीठी नीम के पत्ते के रस में निम्बू का रस और शर्करा मिला लें। इसे एक चम्मच की मात्रा में सुबह के समय पिएं। इससे उल्ट, मुंह से पानी आने (लार गिरना) की समस्या और बदहजमी के साथ-साथ बदहजमी के कारण होने वाली उल्टी भी ठीक होती है।
  10.  मीठी नीम के 2-4 फलों को पीसकर खिलाएं। इससे दस्त पर रोक लगती है। 
  11. उल्टी होने पर मीठी नीम के 5-10 पत्तों को पानी के साथ पीसकर पिएँ। उल्टी रुक जाती है।
  12. पित्तज विकार दूर करने के लिए 1-2 ग्राम करी पत्ता की जड़ लें। इसका चूर्ण निकाल लें। इसे शहद के साथ चाटें। इससे पित्तज-विकारों में लाभ होता है।
  13. 10-15 मिली मीठी नीम पत्ते के रस को पिलाने से पेट के कीड़े खत्म होते हैं। 
  14. 10-20 मिली मीठी नीम की जड़ के काढ़ा में 500 मिग्रा सोंठ चूर्ण मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है।
  15. मीठी नीम की 10 पत्तियों का रोज सुबह खाएं। इससे डायबिटीज और डायबिटीज के कारण होने वाली बीमारियों में लाभ होता है।
  16. पेशाब से जुड़ी बीमारी होने पर करी पत्ता का सेवन करने से फायदा होता है। इसके लिए करी पत्ता के 5 मिली रस को पिएं।
  17. मीठी नीम के पत्तों का काढ़ा बना लें। इसे 10-20 मिली मात्रा में पीने से बुखार ठीक होता है।
  18.  करी पत्ता की जड़ लें। इसकी छाल निकाल लें। इसे पीसकर कीटों के काटने वाले स्थान पर लगाएं। इससे दर्द, सूजन आदि विकार ठीक होते हैं।
  19. करी पत्ता के रस में नींबू रस मिलाकर लेप करें। इससे खुजती, पित्ती निकलना और दाद का इलाज होता है।
  20. करी पत्ता के फलों का तेल निकाल लें। इसे त्वचा पर लगाएं। इससे त्वचा संबंधी रोगों में लाभ होता है।

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