भांग (Cannabis)

     भांग औषधीय गुणों से भरपूर होती है।हम में से कई लोगों ने भांग का उपयोग होली में ठंडाई के रूप में, भांग के पेड़े के रूप में, भांग की बर्फी के रूप में, नशे के लिए किया होगा। भांग में कन्नाबिनोइड नामक तत्व पाया जाता है जो कफ और पित्त जैसी समस्या का नाश करता है।भांग हरे रंग की होती है। इसका स्वाद थोड़ा कड़वा और फीका होता है। इसके पत्ते कुछ कुछ नीम की पत्तों के तरह लंबे होते हैं। भांग की तासीर गर्म होती है। इसके सेवन से पाचन शक्ति अच्छी होती है, अच्छी नींद आती है, यह गले की आवाज़ को साफ करने में भी मदद करती है।भांग मुख्यतः भारतीय उपमहाद्वीप में पेय या मादक धूम्रपान के रूप में उपयोग में लाया जाने वाला पदार्थ है। यह मुख्यतः नारी भांग के पौधे की पत्तियों, कलियों तथा फूलों से तैयार की जाती है।

भांग के उपयोग

  1. भांग का उपयोग कैंसर कि दवाओं के निर्माण में क्या जाता है। इसके साथ-साथ इस का उपयोग एचआईवी / एड्स दवाओं के निर्माण में भी किया जा रहा है। 
  2. भांग के रस कि 8 से 10 बूंदे कान में डालने से कान के कीड़े मर जाते हैं और कान दर्द से छुटकारा मिलता है।
  3. भांग को अच्छी तरह पीस लें। फिर उसे सरसों के तेल में अच्छी तरह पका कर तेल को छान लें। अब उस तेल को कान में डालें। इससे किसी भी प्रकार के कान के दर्द से छुटकारा मिलता है।
  4. भांग के पत्तों को पीस कर चूर्ण बना लें। 124 मिलीग्राम भांग के चूर्ण को सौंफ के ६ बूँद रस के साथ दिन में 2 बार लेने से पेचिस की समस्या दूर हो जाती है।
  5.  भांग के 100 मिलीग्राम चूर्ण के साथ 50 मिलीग्राम पोस्त दाने (खस खस) का चूर्ण मिलाकर सुबह, शाम सेवन करने से दस्त के साथ आंव की समस्या समाप्त हो जाती है। इसके अलावा सिकी हुई भांग के 125 मिलीग्राम चूर्ण को शहद के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से दस्त और पेचिस की समस्या समाप्त हो जाती है।
  6.  सिकी हुई 125 मिलीग्राम भांग के साथ 2 मिलीग्राम कालीमिर्च और 2 ग्राम मिश्री लेकर एक साथ मिलाकर खाने से दमा रोग की समस्या में आराम मिलता है।
  7. भांग को जला कर उसके धुंए को सूंघने से दमा की समस्या में लाभ मिलता है। इनके अलावा भांग के पत्तों को घी में भून कर इसमें कालीमिर्च और मिश्री को मिलाकर पीस लें। अब इस चूर्ण का रोजाना सेवन करने से दमा जैसी समस्या से निजात पाया जा सकता है।
  8. भांग के बीज के तेल की मालिश करने से गठिया की समस्या में आराम दिलाता है।
  9. भांग के पत्तों को सुखा कर पीस लें। इस के पाउडर को सूंघने से मस्तक की पीड़ा से राहत मिलती है।
  10. यदि किसी को नींद न आने की समस्या है तो भांग के तेल से पैरो के तलवे पर मालिश करने से अच्छी नींद आती है।
  11. भांग के पत्ते के चूर्ण या भांग के हरे पत्तों को पीस कर घाव या जख्म पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं।
  12. 25 ग्राम पिसी हुई भांग को दूध या पानी के साथ सुबह शाम लेने से नींद की समस्या दूर होती है और सिर दर्द में भी आराम मिलता है।
  13. भांग के पत्तों को पीस कर उसमें गुड़ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। 1 से 2 गोलियों के सेवन से सर्दी के बुखार से छुटकारा मिल जाता है। 


भांग के नुकसान 
  • भांग का लगातार उपयोग इस का आदि बना देता है अतः इसके अधिक मात्रा में सेवन और लगातार सेवन से बचें।
  • भांग का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में नशा चढ़ता है।
  • भांग के अधिक सेवन से शरीर मे कमजोरी आती है।
  • भांग का अधिक सेवन पुरुष को नपुंसक, चरित्रहीन और विचारहीन बनाता है। इसलिए इसका उपयोग सेक्स उत्तेजना या नशे के लिए नहीं करें।
  • गर्भवती महिलाओं को इस का उपयोग कभी नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से अनेकों समस्या उत्पन्न हो सकती हैं।
  • बच्चों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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