शकरकंद (Sweet potato)
शकरकंद को मीठा आलू भी कहते हैं। आम तौर पर उपवास के समय शकरकंद को उबालकर खाया जाता है क्योंकि ये एनर्जी या ऊर्जा का स्रोत होता है। शकरकंद में कई तरह की पौष्टिकताएं होती है जिसके कारण आयुर्वेद में औषधि के रुप में उपयोग किया जाता है। शकरकंद एक ऐसा फल है जो कच्चा या पका दोनों रूपों में सेवन किया जाता है। और उसको उबालकर खाना अच्छा होता है। शायद आपको ये सुनकर आश्चर्य होगा कि शकरकंद मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।शकरकंद विटामिन सी, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, फॉस्फोरस और बीटा कैरोटीन का स्रोत होता है जिसके कारण पौष्टिकता से भरपूर होता है। शकरकंद मीठा, थोड़ा ठंडा और गरम, वात और पित्त को कम करने वाला, कफ को बढ़ाने वाला, शक्ति को बढ़ाने वाला, कब्ज से राहत दिलाने वाला होता है। इसका कंद विरेचक, वाजीकारक, मूत्रल बलकारक, कवकरोधी, जीवाणुरोधी, विबन्ध, प्रदर, अर्श, मधुमेह, कुष्ठ, पूयमेह तथा मूत्रकृच्छ्र में हितकर होता है। इसके भूमिगत कंद,लाल, सफेद अथवा पीले रंग का होता है। आम तौर पर शकरकंद बीच में मोटा तथा दोनों किनारों पर पतला होता है। इससे स्टार्च और ऐल्कोहॉल भी तैयार होता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इसकी खेती होती है। इसका पौधा गरमी सहन कर सकता है, पर तुषार से शीघ्र मर जाता है।

शकरकंद का उपयोग
- शकरकंद को भूनकर सेवन करने से कब्ज के कष्ट से निजात मिलता है।
- शकरकंद के जड़ को उबालकर सेवन करने से अतिसार या दस्त से राहत मिलती है।
- पेशाब करने में जलन होने पर शकरकंद को जड़ का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा शकरकन्दी को काटकर-सुखाकर, उबालकर या काढ़ा बनाकर पीने से मूत्र संबंधी और रोगों तथा मूत्रदाह में लाभ होता है।
- शकरकन्द को भूनकर पुल्टिस या पोटली की तरह बनाकर बांधने से फोड़ा जल्दी फटकर सूख जाता है।
- कच्ची शकरकन्दी को घिसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की झांईयां मिटती है तथा चेहरे की कान्ति बढ़ती है।
- शकरकंद के मूल या जड़ का सेवन करने से कमजोरी दूर होती है।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने में शकरकंद उपयोगी होता है।
- छाया में सुखाये हुए सूखे कड़वे शकरकंद को घिसकर दंश स्थान पर लेप करने से बिच्छु के विष का प्रभाव कम हो जाता है। इसके अलावा जड़ तथा पत्तों से बने काढ़ा को दंशस्थान पर लगाने से भी लाभ मिलता है।
- महिलाओं को अपने बाल लंबे करने है तो उन्हें शकरकंद का सेवन करना चाहिए क्योकि शकरकंद में स्तिथ एंटी आक्सीडेंट और विटामिन सी जैसे तत्व बालो की जड़ो को मजबूत करता है।
- अगर आपकी त्वचा अधिक तैलीय है तो शकरकंद का उपयोग करना बहुत लाभदायक होता है। शकरकंद का उपयोग चेहरे पर इस्तेमाल करे।
- चेहरे पर उपयोग करने की विधि- शकरकंद को उबालकर उसे ठंडा कर ले फिर इसमें शहद मिलाकर पेस्ट बनाये और चेहरे पर लगा ले और कुछ देर बाद चेहरे को धो ले। यह करने से तैलीय त्वचा अच्छी हो जाती है।
- महिलाओं को सुंदर दिखना बहुत पसंद होता है अगर महिलाये अपने चेहरे को और आकर्षित बनाना चाहती है तो शकरकंद का उपयोग करे। शकरकंद में एंटी आक्सीडेंट तत्व होता है जो चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद होता है और चेहरों को सूर्य की किरणों के दुष प्रभाव से भी बचाता है।
- बहुत महिलाये की त्वचा रूखी होती है उनके लिए शकरकंद रामबाण की तरह काम करता है। केवल तैलीय त्वचा नहीं रूखी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। रूखी त्वचा पर लगाने की विधि: शकरकंद को उबाल कर उसे ठंडा कर ले उसमे ओट्स व दही मिलाकर पेस्ट बनाले और चेहरे पर लगा ले थोड़ी देर बाद पानी से चेहरे को अच्छी तरह से धो ले। यह करने से रूखी त्वचा की समस्या दूर हो जाती है।
यदि मात्रा से अधिक सेवन किया जाये तो यह कफ दोष को बढ़ा सकता है जिससे खांसी – जुकाम जैसी परेशानिया हो सकती है साथ ही इसके गुरु गुण के कारण यह देर से पचता है जिससे कमजोर पाचन शक्ति वालों को इसे पचाने में समय लग सकता है।
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