सुदर्शन (Poison bulb)

     सुदर्शन कुल फूलों का एक कुल है। इस कुल में बहुत सी (एक हजार से कुछ ऊपर ही) जातियाँ हैं और इस कुल के पुष्प लिली से बहुत मिलते-जुलते हैं। सुदर्शन कुल के पुष्प उष्ण तथा उपोष्ण देशों में पाए जाते हैं। अधिकांश में कंद होता है। कई में लिली के समान पुष्प फूलते हैं। इस कुल के कुछ पौधों के (जैसे ऐमारिलिस बेलाडोना और बूफेन डिस्टिका के) कंद अत्यंत विषैले होते हैं। इस कुल में पीला डैफोडिल और श्वेत स्नोड्राप इंग्लैंड में बहुत प्रसिद्ध हैं।सुदर्शन कुल की कुछ जातियाँ भारत में भी होती हैं।सुदर्शन अण्डाकार शल्क कंद वाला शाकीय पौधा होता है। इसके फूल विभिन्न आकार के, सुगन्धित तथा सफेद रंग के होते हैं। इसका कंद बड़ा, 12.5-15 सेमी व्यास  का तथा गोलाकार होता है। यह मई से जून महीने के बीच फलता और फूलता है। सुदर्शन मीठा, कड़वा, तीखा, हजम करने में भारी और गर्म तासीर का होता है। सुदर्शन वात और कफ कम करने में सहायक होता है तथा इसका कंद जोड़ो का दर्द  कम करने में लाभकारी होता है।सुदर्शन समस्त भारत में उपजता है अथवा प्राकृतिक रूप में प्राप्त होता है। 

सुदर्शन के उपयोग

  1. 1-2 बूंद सुदर्शन के पत्ते के रस को कान में डालने से कान का दर्द कम हो जाता है।
  2. सुदर्शन के शल्क कंद को पीसकर अर्श या बवासीर के मस्सों में लेप करने से लाभ होता है। और जोड़ो पर लेप करने से आमवात के दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है।
  3. सुदर्शन के तने को दूध में पीसकर मात्रानुसार सेवन करने से सफेद पानी निकलने के कारण जो दर्द होता है उससे आराम दिलाने में मदद करता है।
  4. सुदर्शन की जड़ को पीसकर संधियों यानि जोड़ो पर लगाने से संधिवात का दर्द कम होता है तथा सूजन पर लगाने से सूजन कम होती है।
  5. सन्धिवात यानि जोड़ो के दर्द तथा वेदनायुक्त रोगों में सुदर्शन की पत्तियों से स्वेदन करने से या पत्तों को पीसकर गुनगुना कर लेप करने से लाभ होता है।
  6. चर्म रोग होने पर सुदर्शन की पत्तियों का रस प्रभावित जगह पर लगाने से जल्दी लाभ मिलता है। 
  7. समान मात्रा में चक्रमर्द बीज तथा जीरे में सुदर्शन का जड़ मिला कर पीस कर लेप करने से दद्रु (खुजली) तथा कुष्ठ में लाभ मिलता है।
  8. भूने हुए शल्क कन्दों को पीसकर फोड़ों पर लेप करने से लाभ होता है।
  9. सुदर्शन के कंद को पीसकर विद्रधि (घाव) पर लगाने से विद्रधि ठीक होता है।
  10. सुदर्शन के पत्ते के रस से सिद्ध तेल को लगाने से त्वचा संबंधी रोगो से छुटकारा मिलती है।

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