गोंद कतीरा (Tragacanth Gum)

     गोंद कतीरा पेड़ों से निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ होता है और यह भारत में ग्रीष्म ऋतु में खाया जाता है.गोंद कतीरा भारत के उत्तरी भाग जैसे के पंजाब हरियाणा राजस्थान इत्यादि में आसानी से मिल जाता है. गोंद कतीरे को अकेला गोंद भी कहा जाता है. यह बबूल, कीकर, और नीम की लकड़ी से निकाला जाता है. आयुर्वेद में गोंद कतीरा के बहुत अधिक फायदे बताए गए हैं. इसकी तासीर ठंडी होती है. इसलिए पुरुषों के लिए स्वपनदोष के रोग को दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. गोंद के लड्डू भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हें गर्भवती महिलाओं को बच्चा होने के बाद दिया जाता है. गोंद कतीरा में प्रोटीन और फोलिक एसिड भी पाया जाता है जोकि कमजोरी दूर करता है. महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी गोंद कतीरा देने की सलाह दी जाती है. यह मासिक धर्म को नियमित करता है और उससे होने वाली पीड़ा को भी कम करता है. यदि किसी महिला के स्तनों का आकार छोटा है तो गोंद कतीरा बहुत बढ़िया विकल्प है

गोंद कतीरा के उपयोग

  1. रात भर में एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच गोंद कतीरा भिगोएँ। अगली सुबह फूली हुई गोंद को एक गिलास दूध के साथ सेवन करें। आप इसमें एक चम्मच चीनी और कुछ बर्फ भी मिला सकते हैं। स्वाभाविक रूप से अपने स्तनों को बढ़ाने के लिए हर रोज इस टॉनिक को पिएं।
  2. 20 ग्राम गोंद कतीरा को एक गिलास पानी या फिर दूध में भिगो कर रखें और फिर सुबह मिश्री मिलाकर शर्बत बनाकर पिएं। इसे खाने से खून गाढ़ा होता है। 
  3. मासिक धर्म अनियमित हैं तो गोंद कतीरा और मिश्री को साथ में पीस कर 2 चम्‍मच दूध में मिला कर सेवन करें।
  4. एक चम्मच गोंद कतीरा रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें। एक गिलास दूध में शहद / गुड़ (थोड़ा) के साथ सेवन करें। वजन कम करने के लिए हर दिन इस टॉनिक को पिएं।
  5. पुरुषों में  नाईट डिस्चार्ज को रोकने  के लिये रात के समय 10 ग्राम गोंद कतीरा को 1 गिलास पानी में भिगो दें। फिर अगली सुबह इसमें 1 चम्‍मच चीनी मिला कर इसका सेवन करें। इसका सेवन दिन में तीन पर ठंडे पानी के साथ कर सकते हैं।
  6. आप हर वक्‍त परेशान रहते हैं तो 2 भाग कतीरा और 2 भाग नानख्वा को बारीक पीस लें। फिर इसमें हरी धनिया की पत्‍ती का रस मिलाएं और रोजाना इसे गले पर लेप करें। इससे टॉन्‍सिल से आपको जल्‍द ही आराम मिलेगा। 
  7. 10 से 20 ग्राम गोंद कतीरा पानी में भिगोकर फुला लें और फिर इसे मिश्री मिले शर्बत में मिलाकर सुबह-शाम पिएं। टॉन्‍सिल से आराम मिलेगा।
  8. गोंद कतीरा का बारीक पिसा हुआ पेस्ट बनाएं और तुरंत राहत के लिए अपने छालों पर लगाएं। 
  9. हाथ और पैरों में जलन होती है तो गोंद कतीरा के 2 चम्‍मच लेकर उसे 1 गिलास पानी में सोने से पहले भिगो दें। जब यह फूल जाए तब इसे चीनी में मिक्‍स कर के खाएं। इसे शर्बत के तौर पर भी दिन में दो बार लिया जा सकता है। यह गर्मी में लगने वाली लू और हीट स्‍ट्रोक से बचाता है।

  • गोंद कतीरा का सेवन करने से पहले अपने शरीर को पूरी तरह से हाइड्रेट रखें। इससे नसें और आंत ब्‍लॉक होने से बचेंगी।
  • जिन्हें क्विलिया की छाल (सोपबर्क) से एलर्जी है, इसलिए इसका सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं डॉक्‍टर की सलाह से इसका सेवन कर सकती हैं।
  • सलाह दी जाती है कि आप किसी भी एलोपैथिक दवा का सेवन करने से कम से कम एक घंटे पहले इस जड़ी बूटी का सेवन करें।

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