गुलब्बास (Four o’ clock plant)
गुलाबास (कृष्णकली) एक फूल है। यह फूल दोपहर के बाद चार बजे शाम को खिलता है, इसलिए अंग्रेजी में इसे फॉर ओ क्लॉक फ्लावर भी कहा जाता है। यौनशक्ति बढ़ाने, कब्ज की समस्या रोगों के इलाज में गुलाबास (कृष्णकली) के फायदे मिलते हैं। इसके अलावा सूजन कम करने, डायबिटीज, खजुली आदि में भी गुलब्बास से लाभ मिलता है।आयुर्वेद में गुलब्बास (कृष्णकली) के फायदे के बारे में अनेक बातें बताई गई हैं। गुलब्बास मोटे-कंदीय जड़ वाला शाकीय पौधा होता है। यह लगभग 1 मीटर ऊँचा, बहुवर्षिय शाक होता है। इसकी शाखाएँ द्वि-विभाजित होती हैं। इसका तना मांसल तथा पर्वसन्धियों से युक्त होता है। इसके पत्ते साधारण तथा आगे के भाग नुकीले होते हैं। इसके फूल पाँच परिदल पत्ते वाले, लाल, पीला, सफेद या बैंगनी रंग के, धब्बेदार होते हैं, जो सिर्फ शाम के समय खिलते हैं। इसके फूल ठंडे प्रकृति के होते हैं। इसके फल गोलाकार, लाल रंग के, झुर्रीदार तथा गोल मरिच के समान होते हैं। इसकी जड़ बेलनाकार, लगभग 10 सेमी व्यास या डाईमीटर की होती है। कंद का भीतरी भाग हरा और सफेद रंग का होता है। इसका पुष्पकाल एवं फलकाल जुलाई से जनवरी तक होता है। व्यापारी लोग इसके बीजों को काली मिर्च में मिला दिया करते हैं।
गुलब्बास (कृष्णकली) के उपयोग
- गुलब्बास के कन्द को कद्दूकस करके छाया में सुखा लें तथा पीसकर घी में भून लें। अब इसमें बादाम, पिस्ता, चिरौंजी आदि मेवा के महीन टुकड़े मिलाकर, शर्करा की चाशनी बनाकर सबको मिलाकर 2-3 ग्राम के मोदक बना लें, सुबह शाम 1-1 मोदक को खाकर गाय का दूध पीने से वाजीकारक गुणों की वृद्धि होती है।
- गुलब्बास के पत्ते के रस का लेप करने से पित्त के कारण हुए जलन तथा खुजली में आराम मिलता है।
- कब्ज की वजह से जब शरीर में पित्त प्रकृति के कारण जलन होता है तथा शरीर में खुजली होने लगती है तो इसके पत्तों के रस की मालिश करने से लाभ होता है।
- गुलब्बास पत्र-स्वरस को प्रभावित अंग पर लगाने से शीतपित्त से होने वाली कण्डु तथा घाव में लाभ होता है।
- गुलब्बास कंद को पीसकर लगाने से प्रमेह पिड़िका (मधुमेह के कारण हुए घाव) में लाभ होता है।
- गुलब्बास पत्ते के रस को उपदंशजन्य घाव पर लगाने से जलन, दर्द और सूजन से आराम दिलाने में मदद करता है।
- गुलब्बास की जड़ को छीलकर 2 ग्राम की मात्रा में लेकर तवे पर भूनकर नमक व काली मिर्च मिलाकर खिलाने से प्लीहा शोथ (तिल्ली की सूजन) कम होता है।
- गुलब्बास के पत्तों को पीसकर गुनगुना करके बांधने से गांठे और फोड़े जल्दी पकते हैं और फटकर सूख जाते हैं।
- गुलब्बास की जड़ को पीसकर लेप लगाने से चोट के कारण उत्पन्न सूजन ठीक हो जाती है।
- गुलब्बास के पत्तों को पीसकर लगाने से मोच में लाभ होता है।

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