चिचिण्डा (Snake gourd)

     चिचिण्डा भारत में आसानी से मिलने वाली एक प्रकार की शाक (सब्जी) है। यह अच्छी वर्षा वाले इलाकों में लता रूप में पाई जाती है। चिचिण्डा का प्रयोग सामान्य तौर पर भोजन के लिए होता ही है।  इसके साथ ही चिचिण्डा का उपयोग औषधीय गुणों के लिए भी किया जाता है। चिचिण्डा के फल भूख को बढ़ाने वाले होते हैं। इस लता में औषधीय गुण इतनी अधिक होती है कि इसके फल, फूल, पत्ते, जड़, पंचांग आदि सभी अंगों का प्रयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है।

चिचिण्डा का उपयोग

  1. चिचिण्डा के फलों की सब्जी बनाकर खाने से पाचन आसान हो जाता है और कब्ज में बहुत लाभ होता है।
  2. इसके फलों की शाक बनाकर सेवन करने से चर्म रोगों में लाभ होता है।
  3. चिचिण्डा के फलों को पीसकर इसका लेप सूजन के ऊपर लगाने से सूजन कम हो जाती है।
  4. चिचिंडा की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो अन्य  सब्ज़ी में पाए जाने विटामिन सी के साथ मिलकर शरीर को पूर्णतः स्वस्थ बनाये रखने यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।  

  • यदि इसका सेवन कुछ दिनों तक लगातार किया जाए तो यह याददाश्त को कमजोर कर देता है।
  • इसके अधिक प्रयोग से लिंग की शक्ति भी प्रभावित होती है।
  • इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से गैस बनती है।

Comments

Popular posts from this blog

वेत्र (Common rattan)

खैर या खादिर (Black Catechu)

नींबू (Lemon)