क्षीर चम्पा (Pagoda tree)

     हिन्दी में क्षीर चम्पा को गुलचीन कहते हैं। क्षीर चंपा का फूल पूरे साल खिलता है और यह इस वृक्ष का फूल  बाहर की ओर सफेद और भीतर से हल्का पीले रंग का होता है।भारत में गुलचीन या चमेली के फूल को मंदिरों व बगीचों में सुगंधित फूल पाने के लिए लगाया जाता है। फूलों के आधार पर इसकी दो प्रजातियां होती हैं। 1. क्षीर चम्पा रक्त (Plumeria rubra Linn.) 2. क्षीर चम्पा श्वेत (Plumeria alba Linn.)। इसके पूरे भागों में सफेद रंग का दूध जैसा पदार्थ होता है। इसका आक्षीर या दूध अत्यन्त विषाक्त तथा शरीर से अवांछित पदार्थ निकालने वाला होता है।

  

क्षीर चंपा का उपयोग

  1. क्षीर चम्पा के जड़ की छाल को पीसकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है तथा कुष्ठ, दद्रु यानि रिंगवर्म व खुजली में अत्यन्त लाभ होता है।
  2. क्षीर चम्पा के पत्ते के जूस में चंदन तेल तथा कपूर मिलाकर खुजली पर लगाने से अत्यन्त लाभ होता है।
  3. क्षीर चम्पा की छाल को पीसकर लगाने से सूजन कम हो जाती है।
  4. सफेद चम्पा के पौधे से प्राप्त आक्षीर या दूध को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है।
  5. क्षीर चंपा के जड़ की छाल को पीसकर विसर्प में लगाने से लाभ होता है।
  6. पौधे से प्राप्त आक्षीर या दूध को लगाने से आमवात में लाभ होता है।
  7. क्षीरचम्पक की छाल को पीसकर लगाने से जोड़ो के दर्द वाले स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।
  8. सफेद चम्पा के पौधे से प्राप्त आक्षीर को लगाने से गठिया में लाभ होता है।
  9. चम्पक के फूल को पीसकर छाती पर लेप करने से छाती के बीमारियों से जल्दी आराम मिलता है। 
  10. क्षीरचम्पक के पत्ते को पीसकर अथवा पत्तों या इसके तने से प्राप्त आक्षीर (दूध) को अर्श के मस्सों पर लगाने से लाभ होता है।
  11. क्षीरचम्पक जड़ का काढ़ा बनाकर 5-10 मिली मात्रा में पिलाने से रतिज रोगों में लाभ होता है।
  12. सफेद चम्पा के जड़ की छाल को पीसकर योनि में लगाने से योनि का दर्द दूर  होता है।
  13. सफेद चम्पा के 2-4 फूलों को पानी में पीस छान कर पिलाने से उपदंश में लाभ होता है।
  14. सफेद चमेली जड़ से तेल को पकाकर व्रण में लगाने से व्रण या अल्सर जल्दी ठीक होता है। 
  15. सफेद चम्पा के पत्तों को पीसकर व्रण में लगाने से व्रण का रोपण होता है।
  16. पौधे से प्राप्त आक्षीर में चंदन का तेल मिलाकर लगाने से दाद, खाज तथा खुजली में लाभ होता है।
  17. क्षीर चम्पक के 1 फूल को पान में रखकर चबाने से मलेरिया बुखार कम होता है।
  18. गांठ तथा सूजन पर क्षीरचम्पा की छाल को पीसकर लेप करने से तथा ऊपर से इसके गर्म पत्ते बांधने से बहुत लाभ होता है।
  19. श्वेत चम्पा के पत्तों का सेंक या पत्तों को उबालकर बफारा देने से शरीर पर जहां गांठ हुआ है या सूजन हुई है वह कम होने लगता है।

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