टमाटर (Tomato)
लाल टमाटर ऊँचा, सीधा, विशेष गंधवाला, कंटकरहित, शाकीय पौधा होता है। इसके पत्ते असमान रुप से किनारों पर कटे हुए, आगे की तरफ नोंकदार तथा हरे रंग के होते हैं। इसके फूल पीले रंग के लगभग 1.6 सेमी व्यास या डाइमीटर के होते हैं। इसके फल कच्ची अवस्था में हरे रंग के, पक्वे अवस्था में लाल रंग के, मांसल, 1.3-6 सेमी व्यास के गोल, चमकदार होते हैं। बीज चपटा, गोलाकार तथा वृक्काकार होते हैं। यह सितम्बर से मार्च महीने तक ज्यादा फलता-फूलता है। लाल टमाटर खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ शक्ति भी प्रदान करता है। टमाटर का फल अम्ल यानि एसिडिक प्रकृति का , मधुर, खाना को जल्दी हजम करने में सहायक, शक्ति बढ़ाने वाला, पूयरोधी या एन्टीसेप्टिक, रक्त को शुद्ध करने वाला तथा उत्तेजक होता है।
टमाटर के उपयोग
- ठंड लगने पर यदि गले में दर्द हुआ है तो लाल टमाटर के फल का काढ़ा बनाकर 10-30 मिली मात्रा में पीने से मुख तथा गले की सूजन में लाभ मिलता है।
- टमाटर के रस में पानी मिलाकर गरारा करने से मसूड़ों से होने वाला ब्लीडिंग कम होता है।
- 10-15 मिली टमाटर फल के रस या टमाटर का सूप में एक चम्मच हरिद्रा मिलाकर सेवन करने से श्वास (साँस फूलना) रोग में लाभ होता है।
- 30-40 मिली टमाटर फल-के रस का सेवन करने से भूख न लगना, अत्यधिक प्यास और कब्ज में लाभ होता है। इसके अलावा टमाटर फल को भूनकर उसमें सेंधानमक तथा तथा काली मिर्च चूर्ण डालकर खाने से खाने की इच्छा बढ़ती है।
- 10 मिली टमाटरजड़ तथा पत्तों से सिद्ध तेल को संधियों में लगाने से दर्द तथा मोच में लाभ मिलता है। फल के रस या टमाटर का सूप में नमक तथा कृष्ण मरिच मिलाकर सेवन करने से मिचली आना, पित्त बढ़ने की बीमारी, कब्ज, आमाशय तथा आंतों की जलन आदि रोगों में फायदा मिलता है। इसके अलावा 10-20 मिली फल के रस में शर्करा मिलाकर सेवन करने से विबन्ध (कब्ज) में लाभ होता है।
- टमाटर फल को बीच से काटकर उसमें 1-2 ग्राम कुटज चूर्ण डालकर खिलाने से अतिसार या दस्त और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम में लाभ होता है।
- टमाटर जूस का सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
- टमाटर के पत्ते को उबालकर, पीसकर लेप करने से आमवात तथा वातरक्त या गठिया में लाभ होता है।
- टमाटर के जड़ तथा पत्तों से सिद्ध तेल को संधियों में लगाने से दर्द तथा मोच में लाभ मिलता है।
- टमाटर के पत्तों को पीसकर लगाने से घाव, रोमकूप संबंधी सूजन तथा अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभ होता है।
- टमाटर के पत्तों तथा फलमज्जा को पीसकर लगाने से मुंहासे तथा त्वचा की बीमारियों में लाभ होता है।
- टमाटर को काटकर मुख में मलने से मुख के काले दाग ठीक हो जाते हैं।
- टमाटर के रस या टोमेटो सूप में कपूर व नारियल तेल मिलाकर सिर में लगाने से लाभ होता है।
- 10-20 मिली टमाटर फल के रस या टोमेटो सूप में शर्करा मिलाकर सेवन करने से शारीरिक व मानसिक कमजोरी, अवसाद तथा नींद न आने के कारण जो परेशानी होती है उससे राहत मिलता है।
- 10-15 मिली टमाटर के रस का सेवन करने से बुखार तथा प्यास की परेशानी से राहत मिलती है।
- गर्भावस्था में टमाटर का उपयोग फायदेमंद होता है, क्योंकि ये विटामिन-सी का मुख्य स्रोत होने के साथ-साथ इसमें आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
- पाइल्स के मरीज को टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
Comments
Post a Comment