बादाम (Almond)
बादाम का वृक्ष लगभग 8 मीटर ऊंचा, और मध्यम आकार का होता है। बादाम का फूल सफेद, या हलका लाल रंग का होता है। बादाम का इस्तेमाल सूखे फल के रूप में होता है। शुरुआत में बादाम के फल का ऊपरी हिस्सा थोड़ा कोमल होता है, लेकिन कुछ पकने पर ऊपर का भाग थोड़ा कठोर हो जाता है। जब बादाम पूरी तरह तैयार हो जाता है, तो यह बहुत ही स्वादिष्ट, पौष्टिक और शक्तिवर्धक होता है। बादाम खाने के अनेक फायदे होते हैं।
बादाम के उपयोग
- कमजोर महसूस करते हैं, उनको 7 ग्राम भिगोए हुए बादाम, 7 ग्राम अश्वगंधा, 1/2 ग्राम पिप्पली तथा 1/2 ग्राम काली मिर्च को अच्छी तरह मिलाकर पीस लेना है। इसमें दूध, घी तथा चीनी मिला लें। इसे दिन में दो बार खाने से पहले लें। इससे फायदा होगा।
- बादाम की गिरी (5-10 ग्राम) में, मिश्री मिलाकर सेवन करें। इसके बाद में दूध पीने से भी कमजोरी दूर होती है, और शरीर पुष्ट होता है।
- सर्जरी या अन्य किसी तरह की दुर्घटना के बाद की कमजोरी में बादाम के फायदे मिलते हैं। इसके लिए बादाम से बने अमृतप्राश घी (5 ग्राम) का सेवन करें। इससे शरीर स्वस्थ होता है।
- बादाम को आधा दिन (12 घण्टे) तक पानी में फूला लें। इसके बाद बादाम को पानी में उबालकर, ऊपर का छिलका उतार लें। इसे चासनी में मिलाकर मुरब्बा बना लें। इसका सेवन करें। इससे भूख बढ़ती है।
- सरसों, बादाम, वचा, तथा सेंधा नमक को पीसकर चेहरे पर लेप करें। इससे चेहरे की झुर्रियां (झाईयां) मिटती हैं।
- बादाम की गिरी का सेवन करने से वीर्य विकार खत्म होते हैं।
- बादाम के छिलकों को जलाकर, भस्म बना लें। इसे दांतों पर रगड़ें। इससे दांतों से संबंधित बीमारियां ठीक होती हैं।
- 5-10 बादाम की गिरी में 1 ग्राम सोंठ, 20 ग्राम भुने चने, 1 ग्राम काली मरिच, तथा 20 ग्राम मिश्री मिला लें। इसे 5 से 10 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम को दूध के साथ सेवन करें। इससे कामोत्तेजना (सेक्सुअल पॉवर) में वृद्धि होती है।
- 1 बादाम को भिगो लें, और इसका छिलका निकाल लें। इसे 3 ग्राम मिश्री के साथ पीस लें। इसमें 1 ग्राम गिलोय (उबालकर छाना हुआ काढ़ा), 3 ग्राम घी, तथा 2 ग्राम शहद मिला लें। इसे सुबह और शाम सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर हो जाता है।
- महिलाएं को 3-5 ग्राम बादाम के चूर्ण को, दूध में मिलाकर सुबह और शाम सेवन करना है। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।
- कड़वे बादाम को पीसकर सिर पर लेप करें। इससे सिर की जुंये (लीखें) मर जाती हैं।
- बादाम को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। इसे योनि में रखने से मासिक धर्म के समय होने वाली पीड़ा खत्म होती है।
- महिलाओं को छिलका रहित 7 बादाम की गिरी xको लेकर, उसमें 1 ग्राम सफेद चन्दन का चूर्ण, और इतनी ही मात्रा में मिश्री मिलाना है। इसे पीसकर, दिन में तीन बार जल के साथ पीना है। इससे सुजाक में लाभ होता है।
- बादाम को अंजीर के साथ पीसकर खाना चाहिए। इससे आंतों की समस्याएं ठीक होती है।
- बादाम के बीजों को पीस लें। इसका घाव पर लेप करें। इससे घाव तथा फोड़ों में लाभ होता है।
- बादाम को पीसकर लगाएं। इससे खाज, खुजली आदि चर्म रोगों में लाभ होता है।
- आई फ्लू में बादाम की 7 गिरी को महीन पीस लें। इसमें घी और मिश्री 5-5 ग्राम मिला लें। इसे सुबह और शाम सेवन करें। आई फ्लू में फायदा होता है।
- बादाम के सेवन से मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। दिमाग से संबंधित विकार होने पर, बादाम से बने महामयूर घी (5 ग्राम) का प्रयोग करें। इससे लाभ होता है।
- बादाम को सिरके के साथ पीसकर लगाने से स्नायु-विकार खत्म होते हैं।
- हिस्टीरिया की बीमारी को ठीक करने के लिए बादाम के बीजों का नियमित सेवन करें।
- गठिया से परेशान लोग बादाम आदि से बनी जीवनीय घी का सेवन करें। इससे गठिया में लाभ होता है।
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