ख़ुबानी (Apricot)

     खुबानी गुठली वाला फल होता है और इसकी खास बात ये है कि खुबानी को कच्चा और सूखे मेवे दोनों रुपों में खाया जा सकता है। खुबानी पौष्टिकता के भरपूर होने के कारण खुबानी के फायदे भी स्वास्थ्य के दृष्टि से बहुत होते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में खुबानी का प्रयोग औषधि के रुप में बहुतायत मात्रा में की जाती है। खुबानी आड़ू या प्लम जैसा होता है जिसका छिलका थोड़ा खुरदुरा और मुलायम जैसा होता है। आयुर्वेद के अनुसार खुबानी मीठा और गर्म तासीर का होता है। खुबानी के गुणों के कारण यह वात और कफ को कम करने के साथ कमजोरी दूर करने में मददगार होता है। इसके अलावा खुबानी स्पर्म या शुक्र की क्ववालिटी और संख्या बढ़ाने में भी सहायता करता है। खुबानी आग से जलने पर दर्द  और जलन कम करने में भी फायदेमंद होता है। खुबानी के फल का जलीय एवं ऐथेनॉल सार क्षयरोगरोधी यानि ट्युबरक्लोसिस को होने से रोकने में मदद करता है। साथ ही खुबानी का ब्युटैनॉलिक-सार जीवाणुरोधी भी होता है। खुबानी का सार बैक्टिरीया से लड़ने में मदद करता है।

खुबानी का उपयोग

  1. 1-2 बूंद खुबानी के बीज का तेल कान में डालने से कान के दर्द से राहत मिलती है।
  2. खुबानी के फूल के चूर्ण में काली मिर्च तथा अदरख मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से खाँसी तथा सांस लेने  में जो असुविधा होती है उससे आराम मिलता है। वैसे ये पेय या ड्रिंक स्वादिष्ट भी होता है।
  3. खुबानी के बीज का काढ़ा बनाकर 15-20 मिली मात्रा में पीने से दस्त में लाभ होता है।
  4. खुबानी बीज के तेल को लगाने से जलने से जो घाव या अल्सर जैसा होता है उससे आराम मिलता है।
  5. खुबानी तेल की मालिश करने से शारीरिक दुर्बलता,  तथा जोड़ो के दर्द में भी लाभ होता है।
  6. खुबानी के सेवन से पीले बुखार में फायदा पहुँचता है।
  7. कमजोरी दूर करने के लिए  1 चम्मच तेल को दूध में डालकर पीना चाहिए।
  8. खुबानी के बीज के सेवन करने से कृमि निकल जाते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

वेत्र (Common rattan)

खैर या खादिर (Black Catechu)

नींबू (Lemon)