बैंगन (Brinjal)

     बैंगन का उपयोग मुख्य रूप से सब्जी के रूप में किया जाता है और देश के कई हिस्सों में इसकी खेती की जाती है. बैंगन के पौधे लगभग 60-100 सेमी ऊँचाई वाले और पत्तेदार होते हैं. इसके फूल बैगनी रंग के होते हैं और इसके फल गहरे बैगनी, सफ़ेद या पीले रंग के लंबे अंडाकार आकार में होते हैं.  

बैंगन के उपयोग

  1. बैंगन के जड़ के रस की 1-2 बूँद मात्रा कान में डालने से कान का दर्द और सूजन कम होता है. 
  2. बैंगन की जड़ का पाउडर बना लें और इसे दांतों पर रगड़ें. इससे दांतों का दर्द दूर होता है. 
  3. 5 मिली बैंगन की पत्तियों के रस में 5 मिली अदरक का रस मिलाकर पीने से उल्टी रुक जाती है.
  4. बैंगन के पत्तों को महीन पीसकर उसमें जीरा और शक्कर मिलाकर सेवन करें. इसके सेवन से रक्तस्राव और दर्द दोनों से आराम मिलता है. 
  5. पेशाब करते समय जलन एवं दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं, तो बैंगन के जड़ के रस की 5 मिली मात्रा का सेवन करें.
  6. बैंगन को भूनकर उसे पीस लें और दर्द वाली जगह पर कपड़े में लपेटकर बांधें. इससे दर्द जल्दी दूर होता है. 
  7. बैंगन की जड़ के चूर्ण को पानी में उबालकर और फिर ठंडा करके घाव को धोने से घाव जल्दी ठीक होता है. 
  8. बैंगन के पत्तों और फलों को कुचलकर उसमें शक्कर मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाएं। इस लेप को लगाने से खुजली जल्दी मिटती है।
  9. बैंगन के भरते में शहद मिलाकर खाने से रात में अच्छी नींद आती है. 
  10. बैंगन को भूनकर उसमें हल्दी व प्याज मिलाकर चोट वाली जगह पर बांधें. इसके अलावा भुने हुए बैंगन के 10-15 मिली रस में थोड़ा गुड़ मिलाकर खाने से भी चोट का दर्द कम होता है।

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