अरबी (Egyptian arum)

     अरबी की खेती कन्द, और पत्तों के लिए होती है। यह वातकारक है, इसलिए अरबी से बने व्यंजनों में वात के शमन के लिए अजवायन को डाला जाता है। यह वातकारक होते हुए भी हृदय रोगों में फायदेमंद होता है। इसके सेवन से शरीर को पौष्टिक तत्व मिलता है। अरबी को तेल में पकाकर खाने से इसका स्वाद बहुत ही उत्तम हो जाता है।

अरबी के उपयोग

  1. अरवी के कंद का रस निकालकर सिर पर मालिश करें। इससे बालों का गिरना बंद हो जाता है। 
  2. अरबी कन्द के रस में छाछ, या दही मिला लें। इसे पीने से सिर दर्द से आराम मिलता है।
  3. अरबी के पत्ते के 1-2 बूंद रस को कान में डालें। इससे ना सिर्फ कान बहना रुक जाता है, बल्कि कान का दर्द भी ठीक हो जाता है।
  4. अरबी के पत्तों और कन्द की सब्जी बनाकर सेवन करें। इससे आंखों के रोग में फायदा होता है।
  5. अरबी के पत्तेऔर इसकी डंडियों का रस निकाल लें। इसमें नमक मिला लें। इसका लेप करने से गांठों, और मांसपेशियों की सूजन ठीक हो जाती है।
  6. नींद न आने की परेशानी में अरबी के पत्तों, तथा कन्द का साग बनाकर सेवन करें। इससे अनिद्रा की परेशानी ठीक हो जाती है।
  7. अरबी के कंद का काढ़ा बनाकर पिएं। इससे कब्ज की परेशानी ठीक होती है।
  8. अरबी के छोटे कन्दों को भूनकर भर्ता बना लें। इसका सेवन करने से शरीर स्वस्थ होता है, तथा कमजोरी दूर होती है।
  9. अरबी के पत्तों का जूस बना लें। इसमें दालचीनी, इलायची तथा अदरक डालकर पिएं। इससे भूख ना लगने की समस्या ठीक होती है। 
  10. अरबी की सब्जी का सेवन करें। इससे उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
  11. अरबी के पत्ते का काढ़ा बनाकर 10-15 मिली मात्रा में सेवन करें। इससे दस्त पर रोक लगती है। 
  12. दांतों में दर्द हो रहा है, तो अरवी का सेवन फायदा देगा। 
  13. अरबी के कोमल पत्तों के रस को निकालकर घाव पर लगाएं। इससे घाव से खून बहना रुक जाता है, और घाव भर जाता है।
  14. अरबी के पत्तों के डंठल से जूस बना लें। इसमें दालचीनी, इलायची, तथा अदरक डालकर पिएं। इससे ह्रदय विकार ठीक होते हैं।
  15. ततैया या भिरड़ के काटे वाले स्थान पर अरबी के पत्ते के रस को लगाएं। इससे दर्द ठीक हो जाता है।
  16. जहरीले जानवरों ने काटा या डंक मारा है, वहां अरवी की डंडियों का रस लगाएं। इससे लाभ होता है।


  • अरबी के पत्ते, और कंद में कैल्शियम ऑक्जलेट होता है, जिसके सेवन से गले, तथा मुंह में सुई चुभने जैसी खुजली हो सकती है। इसलिए अरवी का सेवन पानी में उबालकर करें। इसे विधिपूर्वक बनाएं, तथा इसकी मात्रा सही होनी चाहिए। इससे आप अरबी के नुकसान से बच सकते हैं।

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