पिस्ता (Pistachio nut)

     पिस्ता का पेड़ लगभग 10 मीटर ऊँचा, छोटा, आम के वृक्ष के जैसा दिखता है। इसके पत्तों पर एक प्रकार का कीटकोष (कीड़ों का घर) बनता है। यह एक ओर से गुलाबी, और दूसरी ओर से पीला-सफेद रंग का होता है। इसके फल 10-20 मिमी लम्बे एवं 6-12 मिमी व्यास के होते हैं। पिस्ता फल का छिलका हल्के पीले से गहरे पीले रंग के होते हैं। पिस्ता फल के बाहरी छिलके को निकाल कर, भीतर के पीले भाग को खाने में प्रयोग किया जाता है, इसे ही गिरी कहते हैं। गिरी पर लाल रंग का महीन छिलका होता है। आयुर्वेद के अनुसार, पिस्ता कफ-पित्त-वर्द्धक, वात दोष से आराम दिलाने वाला, शक्ति प्रदान करने वाला माना जाता है। पिस्ता के पेड़ में फूल और फल जनवरी से जून महीने में आते हैं। आमतौर पर पिस्ता को लोग आहार के रूप में खाते हैं। डायट पर रहने वाले लोग भी पिस्ता का सेवन करते हैं। पिस्ता में फाइबर, कार्बोहाइड्रेड, एमिनो एसिड, फैट होता है, जो ना सिर्फ सिर दर्द , मुंह की दुर्गंध, दस्त, खुजली में फायदेमंद होता है बल्कि कमजोरी दूर करने के साथ-साथ यादाश्त को तेज करने में मदद करता है। इसके फल का प्रयोग मेवे की तरह पौष्टिक पकवान बनाने में, तथा औषधि-कार्य में किया जाता है। इसके फलों का छिलका भी औषधि-कार्य में प्रयोग किया जाता है।

पिस्ता के उपयोग

  1. पिस्ता की छाल से काढ़ा बनायें, और उससे सिर धोएं। इससे सिर के बाल मजबूत होते हैं और जूं से भी निजात मिलता है।
  2. अगर मसूड़े रोगग्रस्त हैं तो पिस्ते की गिरी को चबायें। इससे मुंह से दुर्गंध आने की परेशानी ठीक होती है।
  3. पिस्ता के पेड़ की छाल को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाएं। इससे दर्द से आराम मिलता है।
  4. पिस्ता के पेड़ की छाल का काढ़ा बना लें। इसे पीने से दस्त पर रोक लगती है।
  5. शीतपित्त, इसे पित्ती रोग या पित्ती का उछलना भी कहते हैं। इसमें त्वचा पर लाल-लाल दाने आने लगते हैं, जिसमें खुजली होने लगती है। इसमें पिस्ता के बीज के तेल को लगाने से लाभ मिलता है।
  6. पिस्ता के बीजों को भूनने के बाद सेवन करें। इससे शारीरिक और मानसिक दुर्बलता कम होती है।
  7. पिस्ता के पेड़ की छाल तथा पत्तों का काढ़ा बना लें। इससे प्रभावित स्थान को धोएं। इससे सूखी खुजली मिटती है। 
  8. पिस्ता की गिरी, बादाम, पके नारियल की गिरी, शक्कर या मिश्री तथा घी को समान मात्रा में मिला लें। इसका 2-5 ग्राम मात्रा में सेवन करें। इसके साथ गाय का दूध पिएं। इससे लाभ मिलता है।
  9. पिस्ता का सेवन और पिस्ते का तेल बालों पर लगाना, दोनों ही फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें पाये जाने वाला विटामिन -ई बालों को मजबूती देता है साथ ही  पिस्ता में स्निग्ध गुण पाया जाता है जो कि स्कैल्प की ड्राईनेस को दूर कर बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है और बालों को झड़ने से रोकता है। 

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