आलू (Potato)

     आलू सबसे आम और महत्वपूर्ण भोजन स्रोतों में एक है। भारत के हर रसोईघर में आलू के बिना कोई भी व्यंजन बनाना मुश्किल होता है। लेकिन क्या आप इसके फायदों के बारे में जानते हैं। वैसे आम तौर पर लोगों का मानना है कि आलू खाने से वजन बढ़ता है लेकिन ये सच नहीं है। आलू में इतने पौष्टिक तत्व और गुण हैं कि इस खाद्द पदार्थ को कई बीमारियों के लिए औषधि के रुप में उपयोग किया जाता है। आलू मीठा और गर्म तासीर का होता है। यह खाने में रुची बढ़ाने के साथ-साथ सूजन कम करने में मददगार होता है। इससे प्राप्त सोलैनिन (Solanine) वेदना कम करने वाला तथा तंत्रिका शूलरोधी (Anti-neuralgic) यानि नर्व के दर्द से राहत दिलाता है। 50-200 मिग्रा की मात्रा में सोलैनीन का प्रयोग करने से कण्डू यानि चर्म रोग कम होता है। आलू पचाने में भारी तथा मल को गाढ़ा करने वाला होता है। लेकिन इसको ज्यादा खाने से शरीर में आलस्य पैदा होता है।

आलू के उपयोग

  1. आलू के भुने हुए कंद या गांठ  का सेवन करने से मुखपाक या मुँह के छाले कम होते हैं।
  2. 2-5 मिली आलू के पत्ते के रस में मधु तथा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से गले की जलन (कण्ठदाह) और साइनसाइटिस से आराम मिलता है।
  3. 2-5 मिली आलू के पत्तों के रस का सेवन करने से पुरानी खाँसी ठीक होती है।
  4. आलू के कंद को भूनकर खाने से कम मूत्र होने की परेशानी होती है कम।
  5. भुने हुए आलू के कंद का सेवन करने से स्तन में दूध की मात्रा बढ़ती है।
  6. आलू के कंद को पीसकर आग से जले हुए स्थान पर लेप करने से घाव तथा सूजन को कम करने में मदद मिलती है।
  7. कच्चे आलू को काटकर दाद तथा खाज वाले स्थानों पर मलने से लाभ होता है।
  8. कच्चे आलू को पीसकर चेहरे पर लगाने से स्किन में ग्लो आता है और दाग धब्बा कम होता है।
  9. आलू को भूनकर हलवा बनाकर सेवन करने से यह पौष्टिक तथा बलदायक फल प्रदान करता है।
  10. आलू को भूनकर अदरख तथा पुदीना डालकर जूस बनाकर पीने से भूख बढ़ता है और कमजोरी दूर होती है।

  • हरे आलू के फल तथा हरे छिलके वाले कंद में कभी-कभी विषाक्त प्रभाव भी देखने को मिलता है, अत: उसके भीतर के अंश का प्रयोग सावधानी से करना चाहिए।

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